Antariksh Rochak Tathya – अंतरिक्ष से जुड़े अजब गजब रोचक तथ्य

अंतरिक्ष से जुड़े रोचक तथ्य (Antariksh Se jude Rochak Tathya) अंतरिक्ष रहस्यों से भरा पड़ा है और हर कोई इस रहस्यमयी दुनिया के बारे में जानना चाहता है यदि आप अपने GK को मजबूत करना चाहते हैं तो आपको इस लेख को अवश्य पढ़ना चाहिए, निश्चित रूप से यह लेख आपके लिए ज्ञानवर्धक साबित होगा, क्योंकि इस में समाहित है Antariksh Se jude Rochak Tathya यानी यहाँ आपको अंतरिक्ष रोचक तथ्य से संबंधित जानकारी से परिचित कराया जाएगा.

तो चलिए आगे बढ़ते और अंतरिक्ष से जुड़े रोचक तथ्य (Antariksh Se jude Rochak Tathya) से संबंधित जानते है, यकीनन यह जानकारी आपको बहुत ही रोचक लगेगी.

अंतरिक्ष से जुड़े रोचक तथ्य (Antariksh Se jude Rochak Tathya)

1. ब्रह्मांड केवल 5% सामान्य पदार्थ से बना है, शेष 25% डार्क मैटर से बना है और 70% डार्क एनर्जी से बना है.

2. अंतरिक्ष पूरी तरह से शांत है क्योंकि अंतरिक्ष में कोई हवा नहीं है…… यह एक निर्वात है, हालांकि अंतरिक्ष एक निर्वात है, इसका मतलब यह नहीं है कि अंतरिक्ष में कोई आवाज नहीं है.

3. न्यूट्रॉन तारे प्रति सेकंड 600 चक्कर की दर से घूम सकते हैं, न्यूट्रॉन तारे जन्म के बाद 60 बार प्रति सेकंड गुणा करते हैं.

4. नासा के अनुसार पृथ्वी से चाँद हर साल 1.6 इंच दूर हो रहा है.

5. गुरुत्वाकर्षण बल भी धूमकेतु को तोड़ सकता है.

6. मित्रों, अंतरिक्ष विशाल है जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं, यह गतिशील है और विस्तार कर रहा है.

7. हमारे सौरमंडल में बुध व शुक्र ऐसे दो ग्रह हैं जिनका कोई भी उपग्रह नहीं है.

8. अंतरिक्ष पर्यायवाची अनंत, अंतरिक्ष, अभ्रक, आकाश, गगन, दिव, नभ, पुष्कर, व्योम, अम्बर, आकाश.

9. अंतरिक्ष यात्रियों का एक सूट बनाने में 1.2 करोड़ डॉलर खर्च होते हैं.

10. नासा के अनुसार मंगल ग्रह पर 1 दिन 24 घंटे 39 मिनट और 35 सेकंड का होता है.

11. हमारा ब्रह्मांड 13.5 अरब साल से भी ज्यादा पुराना है, यह एक बहुत बड़े विस्फोट के बाद अस्तित्व में आया, जिसे हम बिग-बैंग थ्योरी के नाम से जानते हैं.

12. आप अंतरिक्ष में कभी नहीं रो सकते क्योंकि आपके आंसू नीचे नहीं गिरेंगे.

13. शनि हमारे सौर मंडल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है, हालाँकि यह पूरी तरह से गैसीय है इसलिए इसका घनत्व पानी के घनत्व से कम है, फलस्वरूप शनि पानी में नहीं डूबेगा.

14. अंतरिक्ष से देखने पर पृथ्वी एक नीली गेंद के रूप में दिखाई देती है, पृथ्वी पर 71 प्रतिशत जल है, जिसके कारण यह नीली दिखाई देती है.

15. हमारे सौरमंडल में बुध और शुक्र ही दो ऐसे ग्रह हैं जिनका कोई चंद्रमा नहीं है.

16. सूर्य और पृथ्वी के बीच की दुरी को एक खगोलीय इकाई या AU के रुप में परिभाषित किया गया है.

17. वायुमंडल में स्थित सभी ग्रह के नाम देवताओं के नाम पर जरूर रखा गया है लेकिन पृथ्वी एक मात्र ऐसा ग्रह है जिसका नाम किसी भी देवता के नाम पर नहीं रखा गया है.

18. हमारी पृथ्वी जिस गैलेक्सी में स्थित है उसका नाम मिल्की वे है और मिल्की वे में सूर्य जैसे हजारों तारे हैं.

19. यदि कोई तारा ब्लैक होल के काफी पास से होकर गुजरता है तो वह बिखर सकता है.

20. अरुण (यूरेनस) 84 वर्षों में सूर्य की एक परिक्रमा पूरी करता है.

21. स्पेस सूट पहनकर कोई व्यक्ति सीटी नहीं बजा सकता क्योंकि उसके अंदर हवा का दबाव बहुत कम होता है.

22. यम (प्लूटो) पर 1 दिन, पृथ्वी के 6 दिन और 9 घंटे के बराबर होता है.

23.अभी तक यह ज्ञात नहीं है कि ब्रह्मांड में पृथ्वी के अलावा किसी अन्य स्थान पर जीवन है या नहीं, लेकिन फिर भी वैज्ञानिकों के पास ऐसे बहुत से प्रमाण हैं जो यह तय करते हैं कि हम इस दुनिया में अकेले नहीं हैं.

24. अंतरिक्ष में यदि धातु के दो टुकड़े एक दूसरे को छू लें तो वे स्थायी रूप से जुड़ जाते हैं.

25. अल्बर्ट आइंस्टाइन के अनुसार रात में हम जो तारे देखते हैं, वास्तव में वे उस समय नहीं होते जब हम उन्हें देखते हैं, हम उन्हें उस स्थिति में देखते हैं जैसे वे हजारों, लाखों साल पहले थे, वह प्रकाश जो वे पीछे छोड़ गए थे.

26. अगर आपको लगता है कि पिछले कुछ दशकों में हमें अंतरिक्ष के बारे में जो कुछ हो रहा है, उसके बारे में पता चल गया है, तो आप गलत हैं, आपको बता दें कि गैलीलियो ने 400 साल पहले टेलिस्कोप से अंतरिक्ष में झांका था.

27. सौर मंडल 4.6 अरब वर्ष पुराना है. वैज्ञानिकों का अनुमान है की यह लगभग 5000 मिलियन वर्षों का होगा.

28. अंतरिक्ष लचीला है यह समय की शुरुआत के बाद से एक औस्त दर्जे की दर पर विस्तार कर रहा है.

29. वरुण ग्रह का उपग्रह टाइटन एक ऐसा उपग्रह है जो अपने ग्रह के विपरीत दिशा में चक्कर लगाता है.

30. अंतरिक्ष में वायुमंडल नहीं है जिसका मतलब अंतरिक्ष पूरी तरह से शांत है यहां कोई धोनी सुनाएं नहीं देती. वहां तारों के बीच का क्षेत्र हमेशा शांत रहता है.

31. हमारे सौरमंडल का सबसे गर्म ग्रह शुक्र है, अधिकांश लोग हमेशा सोचते हैं कि सबसे गर्म ग्रह बुध होगा क्योंकि यह सूर्य के अधिक निकट है जबकि ऐसा नहीं है, शुक्र के वातावरण में कई प्रकार की गैसें पाई जाती हैं जो ‘ग्रीन हाउस प्रभाव’ का कारण है, अतः शुक्र अधिक गर्म है.

32. राकेश शर्मा भारत के प्रथम और विश्व के 138 वें अंतरिक्ष यात्री थे.

33. अंतरिक्ष से चीन की दीवार भी दिखाई देती है.

34. सौरमंडल में बुध व शुक्र दो ऐसे ग्रह हैं जिनका कोई भी उपग्रह नहीं है.

35. खगोलविद फ्रैंक ड्रेक ने हमारे ब्रह्माण्ड में संभावित सभ्यताओं की संख्या बताने के लिए ड्रेक समीकरण की खोज की थी.

36. एक अंतरिक्ष यान को वायुमंडल से बाहर निकालने के लिए कम से कम 7 मील प्रति सेकंड की गति की आवश्यकता होती है, लेकिन ऐसा क्यों है अभी तक ज्ञात नहीं है.

37. क्या आप जानते है, अंतरिक्ष से देखने पर सूर्य हमें सफेद दिखाई देता है.

38. थ्वी का वायुमंडल ग्रह की सतह से 10,000 किलोमीटर (6,214 मील) ऊपर तक फैला हुआ है, जिसके बाद वातावरण अंतरिक्ष में विलीन हो जाता है.

39. आकाशगंगा की चौड़ाई लगभग 100,000 प्रकाश वर्ष हैं.

40. अंतरिक्ष यात्री के मुताबिक, अंतरिक्ष में स्टेक, घर्म धातु और वेल्डिंग फोम की तरह खुशबु आती है.

41. स्पेस स्टेशन पृथ्वी का एक चक्कर लगाने में मात्र 90 मिनट का समय लगता है.

42. हमारा सौरमंडल 4.6 अरब साल पुराना है.

43. हमारे सौरमंडल 4.6 बिलियन वर्ष पुराना है वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह 5000 मिलियन वर्ष और अस्तित्व में रहेगा.

44. अंतरिक्ष यान में शून्य गुरुत्वाकर्षण के कारण बाल खड़े रहते है.

45. अंतरिक्ष से चारों ओर देखने पर सब कुछ काला दिखाई देता है, सूर्य चमकता हुआ दिखाई देता है.

46. शुक्र पर सल्फ्यूरिक एसिड की वर्षा होती है और धातु की बर्फ़बारी होती है.

47. ब्रह्माण्ड में मिल्की-वे गैलेक्सी के सामान करोड़ों अन्य गैलेक्सी मौजूद हैं जो ब्रह्माण्ड की विशालता को दर्शाती है.

48. अंतरिक्ष यात्रियों की माने तो, अंतरिक्ष में वैल्डिंग के धुएँ और गर्म धातु जैसी बदबू आती है.

49. सौर मंडल के सभी ग्रह अंडाकार कक्षा में सूर्य की परिक्रमा करते हैं, जो ग्रह सुर्य के करीब होते हैं वह तेजी से परिक्रमा करते हैं.

50. अंतरिक्ष यान में सोना एक बहुत ही चुनौतीपूर्ण कार्य है, अंतरिक्ष यात्रियों को सोने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है, उन्हें आंखों पर पट्टी बांधकर विशेष रूप से बनाई गई चारपाई में सोना पड़ता है ताकि वह तैरने और इधर-उधर टकराने से बच सके.

51. शुक्र ही एकमात्र ग्रह है जो दुसरें ग्रहों की तुलना में पीछे की और घूमता हैं.

52. मनुष्य अगर अंतरिक्ष पर 30 सेकंड सांस रोक लेता है तो जान जा सकती है.

53. हमारी पृथ्वी का एक चक्कर प्रति वर्ष 000.1 सैकेंड की रफ्तार से बढ़ता जाता है.

54. ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन में अनुमान लगाया गया है कि अंतरिक्ष में 70 सेक्सटिलियन तारे हैं.

55. शनि के छोटे उपग्रहों में एन्सेलाडस (enceladus) सूर्य से प्राप्त 90% प्रकाश को परावर्तित कर देता है.

56. हमारे सौर मंडल में अनेक छोट पिंड है जैसे क्षुद्रग्रह, बर्फ़ीला काइपर घेरा के पिंड, धूमकेतु, उल्कायें और ग्रहों के बीच की धूल.

57. यदि मनुष्य को अंतरिक्ष में बिना सूट के छोड़ दिया जाए तो वह सिर्फ 2 मिनट तक ही जीवित रहेगा, उसके बाद उसकी मौत हो जाएगी.

58. अगर कोई तारा ‘ब्लैक होल’ के काफी करीब से होकर गुजरता है तो वह टूट सकता है.

59. क्या आपको पता है हम ब्रह्माण्ड की सीमा का निर्धारण नहीं कर सकते है क्योंकि इस ब्रह्माण्ड का कोई किनारा नहीं है. ब्रह्माण्ड के सभी घटक एक-दूसरे के साथ गुरुत्वाकर्षण बल के द्वारा आपस में जुड़े हुए हैं.

60. अंतरिक्ष में कम गुरुत्वाकर्षण के कारण इंसान के रीढ़ की हड्डी पृथ्वी पर होने वाले खिंचाव से मुक्त हो जाती है, ऐसे में जब कोई अंतरिक्ष यात्री अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा करता तो उनकी लंबाई 2.25 इंच तक बढ़ जाती है.

61. हेली नामक धूमकेतु पृथ्वी से 75 वर्षों में एक बार दिखाई देता है, यह अंतिम बार 9 फरवरी 1986 को देखा गया था जो अब आगे 26 जुलाई 2061 में दिखेगा.

62. अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण की अनुपस्थिति कमजोरी की ओर ले जाती है और यह अंतरिक्ष में जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ होता है. अंतरिक्ष यात्री को इस कमजोरी से बाहर निकलने में लगभग 2-3 दिन का समय लग सकता है.

63. सौर मंडल के भीतर अन्य ग्रह की तुलना में शुक्र से अधिक ज्वालामुखी हैं.

64. शनि के चंद्रमा एन्सेलेडस पर बर्फ से बने क्रेटर्स की जंजीरें देखी गई हैं, एन्सेलेडस की पूरी सतह सैकड़ों फीट मोटी बर्फ से ढकी हुई है, यह सैटर्न सिस्टम का सबसे ठंडा ग्रह भी है.

65. हमारे सौरमंडल का सबसे अधिक ऊंचा पर्वत मंगल ग्रह पर स्थित है ओलंपस मॉन्स है.

66. ओलंपस मॉन्स 25 किलोमीटर ऊंचा है जोकि माउंट एवरेस्ट से लगभग 3 गुना है.

67. हमारे सौर मंडल में 8 ग्रह, उनके 172 ज्ञात उपग्रह, 5 बौने ग्रह और अरबों छोटे पिंड शामिल हैं.

68. अंतरिक्ष में स्थित इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन का आकार एक फुटबॉल के मैदान के बराबर है.

69. दुनिया का पहला उपग्रह ब्रिटेन द्वारा प्रक्षेपित किया गया था, जिसे ब्लैक एरो नाम दिया गया था.

70. आपको आस्चर्य होगा की आप अंतरिक्ष में रो नहीं सकते और न ही आपको पसीना आता है. गुरुत्वाकर्षण बल के अभाव के कारण पसीने और आंसुओं की बूँद बाहर नहीं निकल पाती है.

71. अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण के न होने से कमजोरी आती है और यह अंतरिक्ष में जाने वाले हर व्यक्ति के साथ होता है, इस कमजोरी से बाहर आने में एक यात्री को लगभग 2-3 दिन का समय लग सकता है.

72. चंद्रमा पर छोड़े गए पैरों के निशान या किसी भी प्रकार के निशान गायब नहीं होंगे, क्योंकि उन निशानों को मिटाने के लिए वायु जैसे माध्यम की आवश्यकता होगी जो चंद्रमा में मौजूद नहीं है.

73. अंतरिक्ष यात्रियों का मानना ​​है कि अंतरिक्ष में वेल्डिंग के धुएं और गर्म धातु जैसी गंध आती है, दरअसल यह गंध अंतरिक्ष में तैर रहे पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन के कारण होती है.

74. नासा के वैज्ञानिकों के अनुमान के अनुसार शनि सौरमंडल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है.

75. हमारे सौरमंडल का सबसे ऊंचा पर्वत ओलंपस मॉन्स (Olympus mons) है जो कि मंगल पर स्थित हैै.

76. नासा अंतरिक्ष में जाने वाले यात्री के लिए 3डी खाने की चीजें विकसित कर रहा है जिससे वह किसी भी चीज का आनंद ले सकता है.

77. एक प्रकाश वर्ष, प्रकाश द्वारा 1 वर्ष में चली गई दूरी होती है जो कि 9.5 ट्रिलियन किलोमीटर के बराबर है.

78. किसी ब्रह्माण्डीय पिण्ड, जैसे पृथ्वी, से दूर जो शून्य (void) होता है उसे अंतरिक्ष (Outer space) कहते हैं.

79. अंतरिक्ष के अंदर पहली सेल्फी 1966 में बज एल्ड्रिन ने ली थी, इन सेल्फी की नीलामी 6 लाख रूपये में हुई.

80. मंगल ग्रह पर कम गुरुत्व के कारण पृथ्वी पर 100 किलोग्राम वाले व्यक्ति का वजन वहां 38 किलोग्राम होगा.

81. खगोल -शास्त्रियों के अनुसार ब्रह्माण्ड में हर दिन लगभग 27.5 करोड़ तारों का जन्म होता है.

82. अंतरिक्ष में जाने वाले एस्ट्रोनॉट वहां पाद नहीं सकते, क्योंकि वहां गुरुत्व नहीं है, जो पेट में द्रव्य को गैस से अलग कर सके.

83. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) अंतरिक्ष में भेजा गया दुनिया का सबसे बड़ा और दुनिया का सबसे महंगा मानव निर्मित ऑब्जेक्ट है, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की कीमत 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा है, इस स्पेस स्पेस स्टेशन में 7 अंतरराष्ट्रीय क्रू मेंबर्स को रहना पड़ता है.

84. आप स्पेससूट पहनकर सीटी नहीं बजा सकते. क्योंकि इसमें हवा का दबाव बहुत कम होता है.

85. चाँद पर सबसे पहला व्यक्ति नील आर्मस्ट्रांग गया था.

86. अंतरिक्ष यात्री बताते है कि स्पेस में वेल्डिंग और पिघलती गर्म धातु जैसी बदबू आती है.

87. मंगल ग्रह का दिन पृथ्वी के दिन से 40 मिनट (24 घंटे 39 मिनट और 35 सेकंड) बड़ा होता है.

88. वैज्ञानिकों का विश्वास है कि बृहस्पति ग्रह के 67 उपग्रह हैं जब कि 53 का ही नामकरण किया गया है.

89. वरुण ग्रह सौर मण्डल का सबसे ठंडा ग्रह है, (तापमान -193°C)

90. अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण बल ना होने के कारण वहां पर कोई पाद भी नहीं सकता है, गुरुत्वाकर्षण ना होने के कारण अंतरिक्ष में किसी व्यक्ति के पेट के अंदर भोजन और गैस अलग अलग नहीं हो पाते हैं.

91. पृथ्वी, मंगल, बुध व शुक्र आंतरिक ग्रह कहलाते हैं, क्योंकि यह सूर्य के अधिक नजदीक होते हैं.

92. हमारी आकाशगंगाओं का आकार अंडाकार है और हमारे सौर मंडल का किनारा प्लूटो नहीं है बल्कि ओओर्ट क्लाउड है.

93. 1962 में अमेरिका ने अंतरिक्ष में हाइड्रोजन बम विस्फोट किया था यह Japan के हिरोशिमा पर गिराए गए बम से 100 गुना शक्तिशाली था.

94. अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पृथ्वी की 90% से अधिक आबादी को दिखाई देता है। यह तीव्र गति से चलने वाले तारे के समान दिखाई देता है.

95. अंतरिक्ष में अगर आप किसी के सामने खड़े होकर जोर-जोर से चिल्लाते भी हैं तो वह आपकी आवाज नहीं सुन पाएगा क्योंकि वहां पर आपकी आवाज को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का कोई माध्यम नहीं है.

96. अंतरिक्ष में तीन मुख्य प्रकार की आकाशगंगाएँ सर्पिल, अण्डाकार और अनियमित हैं.

97. अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण के न होने से कमजोरी आती है और यह Space में जाने वाले हर व्यक्ति के साथ होता है। इस कमजोरी से बाहर आने में एक यात्री को लगभग 2-3 दिन का समय लग सकता है.

98. शनि ग्रह में उपस्थित टाइटन उपग्रह सबसे बड़ा उपग्रह है.

99. बृहस्पति ही ऐसा ग्रह है जिसके सबसे ज्यादा उपग्रह हैं.

100. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो (ISRO) अहमदाबाद में स्थित है.

101. अंतरिक्ष में स्थित सौरमंडल में कुल 166 चंद्रमा हैं.

102. सौरमंडल 4.6 बिलियन वर्ष पुराना है और वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह और 5000 मिलियन वर्ष अस्तित्व में रहेगा.

103. कुछ थ्योरी की माने तो प्रत्येक ब्लैक होल में 1 ब्रह्माण्ड है इसका मतलब हम सभी लोग ब्लैक होल में हैं.

104. मंगल ग्रह की सतह लोहे के ऑक्साइड से बनी है इसलिए मंगल की सतह लाल दिखाई देती है.

105. 12 जुलाई 1985, में कोका-कोला अंतरिक्ष में पिया जाने वाला पहला शीतल पेय पदार्थ बन गया.

106. पृथ्वी में वायुमंडल के कारण तारे रात में चमकते है क्योंकि प्रकाश में बाधा उत्पन्न होती हैं.

107. मंगल ग्रह पर एक ज्वालामुखी एवरेस्ट से 3 गुना बड़ी है जो किसी भी ग्रह का सबसे बड़ा शिखर है.

108. भारत द्वारा पहली बार छोड़ा गया गृह आर्यभट्ट का आर्यभट्ट उपग्रह भारत के द्वारा 1975 में छोड़ा गया.

109. नासा के क्रेटर निरीक्षण और सेंसिंग सैटेलाइट ने यह घोषित किया है कि उन्हें चंद्रमा पर जल के प्रमाण मिले हैं.

110. पृथ्वी पर ज्वार भाटा का कारण सूर्य तथा चंद्रमा का अपना गुरुत्वाकर्षण है.

111. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान इसरो का गठन किस वर्ष 15 अगस्त, 1969 में किया गया था.

112. चांद पर पहली बार कदम रखने वाले व्यक्ति नील आर्मस्ट्रांग थे, वह 20 जुलाई 1969 को अपना बायां पैर पहली बार चंद्रमा पर रखे थे.

113. Voyager-1 यान, मानव द्वारा बनायी गई अब तक की सबसे दूूर जानेे वाली वस्तु है.

114. सूर्य के बाद प्रॉक्सिमा सेंचुरी पृथ्वी का सबसे निकटतम तारा है, यह तारा पृथ्वी से 4.24 प्रकाश वर्ष दूर है.

115. 1977 में डीप स्पेस से 72 सेकेंड का सिग्नल मिला था, लेकिन अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि यह सिग्नल किसने भेजा था.

116. ब्रिटेन के द्वारा लॉन्च किया गया एकमात्र उपग्रह को ब्लैक एरो कहा जाता हैं.

117. जब आप पानी को गर्म करते है तो उसमें ढेरों बुल-बुले दिखाई देते है, लेकिन आप पानी को अंतरिक्ष में गर्म करेंगें तो आप को सिर्फ एक ही बुल-बुला दिखाई देगा, जिसका आकार बड़ा होगा.

118. जापान के द्वारा ग्रीन हाउस गैसों को नापने और मॉनिटरिंग करने के लिए पहला उपग्रह छोड़ा था.

119. प्लूटो चंद्रमा से भी छोटा है यहां तक कि व्यास में यह यूनाइटेड स्टेट अमेरिका से भी छोटा है.

120. विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) तिरुवनन्तपुरम में स्थित है.

121. सौरमंडल का सबसे ऊंचा पर्वत ओलंपस मॉन्स है, मंगल पर स्थित यह विशाल ज्वालामुखी चट्टान 21.9 किमी ऊंचा है.

122. वैज्ञानिकों की माने तो लगभग 75% ब्रह्मांड डार्क मैटर और डार्क एनर्जी के रूप में गायब है, जिसको मापा नहीं जा सकता है, हालाँकि ब्रह्मांड को एक साथ बांधने वाला गोंद डार्क मेटर ही है लेकिन इसको माप नहीं सकते.

123. न्यूट्रॉन तारों की गति बहुत तेज होती है, अब तक का ज्ञान सबसे तेज न्यूट्रॉन तारा PSR J1748-2446ad है, जो एक सेकंड में 716 बार या 43,000 प्रति मिनट की दर से घूमता है.

124. हमारी पृथ्वी पर दिन में केवल एक बार सूर्यास्त और सूर्योदय होता है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर अंतरिक्ष यात्री प्रतिदिन 15 या 16 बार सूर्योदय और सूर्यास्त का अनुभव करते हैं.

125. पृथ्वी, मंगल, बुध और शुक्र को आंतरिक ग्रह कहा जाता है क्योंकि ये सूरज के सबसे पास हैं.

126. अंतरिक्ष यात्री हमेशा सफेद रंग का विशेष सूट पहने देखा होगा, ये सूट हवा के दबाव को मेन्टेन रखता है, अगर सूट फट गया तो अंतरिक्ष गए इंसान की मौत दम घुटने से नहीं बल्‍कि शरीर के फटने हो जाएगी.

127. भारत की पहली महिला यात्री कल्पना चावला की मृत्यु कोलंबिया के अंतरिक्ष यान में हुई थी.

128. गणितीय गणनाओं के आधार पर कहा जा सकता है कि व्हाइट होल्स (white holes) का होना संभव है जब तक कि कोई भी व्हाइट होल्स अभी तक ज्ञात नहीं है.

129. ग्रीन हाउस गैसों को मॉनिटर करने के लिए विश्व का पहला उपग्रह जापान ने छोड़ा था.

130. वैज्ञानिकों के मुताबिक, बृहस्पति ग्रह के 67 उपग्रह हैं, जिसमें से अब तक केवल 53 का ही नामकरण किया गया है, बृहस्पति एक ऐसा ग्रह है जिसके सबसे ज्यादा उपग्रह हैं.

131. सूर्य, ग्रह, चन्द्रमाओं और क्षुद्रग्रहों और धूमकेतु को मिलाकर हमारा सौर मंडल हमारे ब्रह्मांड के एक ट्रिलियन भाग से भी कम हिस्सा ही रखता है.

132. शुक्र ग्रह पर CO2 (96.5%) का घना वातावरण है जिसमें 3.5% नाइट्रोजन गैस उपस्थित है, इसके घने वातावरण की वजह से ही शुक्र ग्रह का तापमान इतना अधिक है.

133. अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले जॉन ग्लेन (John Glenn) दुनिया के सबसे उम्रदराज व्यक्ति थे, उन्होंने 29 अक्टूबर 1998 को 77 साल की उम्र में यह कारनामा कर इतिहास रच दिया था.

134. उत्तरी आसमान में आप 2 आकाशगंगाओं को देख सकते है ये एंड्रोमेडा गैलेक्सी (एम31) और Triangulum Galaxy (एम33) हैं.

135. आज के युग में अंतरिक्ष में जाना कठिन नहीं है, लेकिन एक वक्त ये इंसानों के लिए एक सपने जैसा था, अंतरिक्ष में सबसे पहले इंसान नहीं गए थे, अंतरिक्ष पर सबसे पहले एक कुत्ता गया था.

136. अपोलो चांद पर मनुष्य को ले जाने वाला पहला स्पेस शटल था.

137. अरुण ग्रह की नीली चमक का कारण उसके वायुमंडल में पाई जाने वाली मेथेन गैस है.

138. भारत का उपग्रह प्रमोचन केंद्र श्री हरिकोटा में स्थित.

139. साल 1969 के ‘अपोलो मिशन’ में ऑरेंज फ्लेवर वाले एक ड्रिंक को चांद पर ले जाया गया था, यह पहला मिशन था, जिसमें इंसानों ने चांद पर कदम रखा था.

140. ब्रह्मांड में सबसे तेज घूमने वाली वस्तु का नाम न्यूट्रॉन तारा है, न्यूट्रॉन तारा का कोर बहुत घना है, यह इतना घना है कि यदि हम इसके कोर से एक चम्मच पदार्थ भी लेते हैं, तो यह लगभग 200 बिलियन पौंड वजन का होगा.

141. यदि आप पृथ्वी पर एक पेन की नोंक के बराबर के आकार का सूर्य का टुकड़ा रखते हैं, और आप उससे 145 किलोमीटर की दूरी पर खड़े होंगे तब भी आप सूर्य की गर्मी से मर जाएंगे.

142. 23 अप्रैल, 1967 को, सोवियत अंतरिक्ष यात्री व्लादिमीर कोमारोव (Vladimir Komarov) अंतरिक्ष में अपनी दूसरी यात्रा के दौरान मारे गए थे, जब अंतरिक्ष यान उनकी वापसी पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. वह अंतरिक्ष यात्रा में मरने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति थे.

143. अंतरिक्ष में पहले artificial satellite को स्पुतनिक कहा जाता हैं.

144. अगर आप चाँद पर कोई निशान बनाओगे तो वो निशान हमेशा बना रहेगा.

145. चंद्रमा पर सबसे पहले इंसान को भेजने वाला देश अमेरिका है.

146. हमारे सौरमंडल में पाए जाने वाले चार ग्रह बृहस्पति,शनि,अरुण व वरुण ग्रह गैसीय दानव के रूप में जाने जाते हैं.

147. शुक्र ग्रह का अन्वेषण वाले पहले रोबोट अंतरिक्षयान का नाम मैगैलन था.

148. भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स पहली महिला अंतरिक्ष यात्री हैं, जो अंतरिक्ष में 188 दिन रुकी थीं, वह अंतरिक्ष जाने वाली भारतीय मूल की दूसरी महिला के तौर पर जानी जाती है.

149. आर 136 ए 1 ब्रह्मांड का सबसे चमकदार और विशाल सितारा है, जो सूरज की तुलना में 8.7 मिलियन गुना ज्यादा चमकदार है.

150. यदि आप पृथ्वी पर एक पेन की नोंक के बराबर के आकार का सूर्य का टुकड़ा रखते हैं, और आप उससे 145 किलोमीटर की दूरी पर खड़े होंगे तब भी आप सूर्य की गर्मी से मर जाएंगे.

151. 16 जून 1963 को सोवियत अंतरिक्ष यात्री वेलेंटीना टेरेश्कोवा (Valentina Tereshkova) अंतरिक्ष में जाने वाली दुनिया की पहली महिला बनीं.

152. सूर्य और पृथ्वी के बीच की दुरी को एक खगोलीय इकाई या AU के रुप में परिभाषित किया गया हैं.

153. यदि आप प्लूटो पर जाने के लिए विमान से उड़ान भरेंगे तो आपको पहुँचने में 800 साल से अधिक लग सकते है.

154. नासा का कार्यालय अमेरिका वाशिंगटन में स्थित है.

155. अरुण ग्रह के 27 उपग्रह है, इनमें से 5 बड़े उपग्रह,22 छोटे उपग्रह हैं, टाइटेनिया इन सभी उपग्रहों में से सबसे बड़ा है.

156. भारत के चंद्र मिशन को चंद्रयान- नाम दिया गया था.

157. अगर आप 1 मिनट में 100 तारे गिनने लगे तो आपको पूरी आकाश गंगा गिनने में 2000 साल लग जायँंगे.

158. मंगल ग्रह हमारे सौरमंडल में पृथ्वी के बाद जीवन के लिए सबसे अधिक संभावना वाला ग्रह है.

159. 10 अगस्त 2015 को नासा के अंतरिक्ष यात्रियों ने पहली बार अंतरिक्ष में उगाए गए भोजन को खाया था.

160. बुध का कोई वायुमंडल नहीं है जिसका मतलब है की कोई वायु या मौसम नहीं हैं.

161. शनि का घनत्व इतना कम है की यदि आप शनि में पानी डालते है तो यह फ्लोट होगा.

162. लाल बौने तारे जो द्रव्यमान में कम होतें हैं, वह 10 ट्रिलियन वर्ष तक लगातार जल सकते हैं.

163. अपने अद्वितीय झुकाव के कारण अरुण ग्रह में एक रात्रि पृथ्वी के 21 वर्ष के बराबर होती है.

164. जानवरों में लाईका नाम की कुतिया को पहली बार अंतरिक्ष में ले जाया गया था.

165. हर आकाशगंगा के बीच में एक ब्लैक-होल होता है. ब्लैक होल अत्यधिक गुरुत्वाकर्षण वाला क्षेत्र होता हैं जिसके आर-पार कुछ भी नहीं जा सकता है.

166. न्यूट्रॉन तारे का घनत्व इतना अधिक होता है कि इसका एक चम्मच भाग पूरी पृथ्वी की आबादी के वजन के बराबर होगा.

167. हमने अक्सर एक मिथक पढ़ा और सुना है कि चीन की दीवार (The Great Wall of China) ही अंतरिक्ष से दिखाई देने वाली एकमात्र मानव निर्मित वस्तु है, लेकिन यह सच नहीं है. लेकिन, चीन का वायु प्रदूषण अंतरिक्ष से जरूर दिखाई देता है.

168. अंतरिक्ष यात्री के मुताबिक, अंतरिक्ष में स्टेक, घर्म धातु और वेल्डिंग फोम की तरह खुशबु आती हैं.

169. अंतरिक्ष में भोजन करना भी बहुत कठिन काम है क्योंकि भोजन हवा में तैरता रहता है, अंतरिक्ष यात्री भोजन को सिर्फ द्रव्य रूप में लेते है.

170. बुध का एक ही पक्ष हमेशा सूर्य का सामना करता है, हालांकि 1965 में खगोलविदों ने यह पाया कि यह ग्रह अपनी हर दो कक्षाओं के दौरान तीन बार घूमता है.

171. अंतरिक्ष में मुक्त रूप से फैला हुआ द्रव से फैला हुआ द्रव गोले (sphere) के आकार को धारण कर लेता है.

172. मंगल ग्रह पर उतरने वाला पहला अंतरिक्ष यान वाइकिंग-1 है.

173. कोलंबिया अंतरिक्ष में भेजे जाने वाला प्रथम स्‍पेस शटल (स्‍पेस क्राफ्ट) है.

174. क्या आप जानते है हीलियम और हाइड्रोजन को छोड़कर पृथ्वी पर पाए जाने वाली हर चीज़ तारे की धूल से बनी है.क्युकी पृथ्वी का निर्माण ख़त्म होते तारे से हुआ था.

175. यूरेनस (अरुण) के सभी उपग्रहों के नाम विलियम शेक्सपियर और अलेक्जेंडर पॉप के पात्रों के नाम पर रखा गया है.

176. आपको जानकर यकीन नहीं होगा कि अंतरिक्ष में तैरते बादलों के रूप में पानी का एक विशाल भंडार है, जो पृथ्वी पर मौजूद सभी समुद्र के पानी से लाखों गुना अधिक है.

177. 1962 में अमेरिका ने अंतरिक्ष में एक हाइड्रोजन बम को उड़ा दिया था जो Hiroshima से 100 गुना शक्तिशाली था.

178. अगर शनि के चारों ओर के छल्ले 1 मीटर लंबे हो तो वे ब्लेड की तुलना में 10000 गुना पतले होंगे.

179. हम अंतरिक्ष के बारे में समुद्र की गहराइयों से ज्यादा जानते हैं.

180. एलैक्सी लियोनोव ने अंतरिक्ष में अंतरिक्षयान से बाहर निकलकर इतिहास रचा था, (18 मार्च 1965 में)

181. आपको यह जानकर हैरानी होगी की पृथ्वी ब्रह्माण्ड का इतना छोटा हिस्सा है कि सूर्य के अंदर भी लगभग 13 लाख पृथ्वी समा जाती हैं.

182. बुध ग्रह का तापमान दिन और रात में बहुत भिन्न होता है, बुध का तापमान दिन में 430 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाता है और रात में -180 डिग्री सेल्सियस तक कम हो जाता है.

183. अंतरिक्ष यात्रियों का हृदय लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने के बाद थोड़ा गोलाकार हो जाता है.

184. अरुण ग्रह को मूल रुप से जॉर्ज स्टार कहा जाता हैं.

185. क्योंकि स्पेस मे गुरुत्व नहीं होता है अतः वहां सामान्य रुप से पेन कार्य नहीं करता है.

186. फ़रवरी 2006 से नासा का लक्ष्य वाक्य भविष्य में अंतरिक्ष अन्वेषण, वैज्ञानिक खोज और एरोनॉटिक्स संशोधन को बढ़ाना है.

187. ब्रह्मांड में सबसे जटिल वस्तु मानव का मस्तिष्क है, जिसमें अरबों न्यूरॉन्स मौजूद है जो एक दूसरे से जुड़े हुए हैं.

188. हमारे सौरमंडल से सबसे निकटतम गैलेक्सी एंड्रोमेडा गैलेक्सी है, यह पृथ्वी से लगभग 2.537 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है.

189. वर्ष की उम्र में स्पेस शटल डिस्कवरी पर जाकर सबसे बुजुर्ग अंतरिक्ष यात्री होने का रिकॉर्ड बनाया.

190. वैज्ञानिकों की माने तो पृथ्वी से 40 प्रकाश वर्ष दूर एक ऐसा ग्रह है जिसका नाम 55 कैनरी-ए रखा गया है.

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Post Title: Antariksh Se jude Rochak Tathya – अंतरिक्ष से जुड़े रोचक तथ्य

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