नमस्कार दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको सहायक प्रोफेसर (Assistant Professor) के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।
जैसे – असिस्टेंट प्रोफेसर कैसे बने? how to become an assistant professor? कॉलेज में प्रोफेसर कैसे बने? सहायक प्रोफेसर की योग्यता क्या है? इसके लिए निर्धारित आयु सीमा, वेतनमान आदि।
यदि आप सहायक प्रोफेसर के लिए महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में जानना चाहते हैं।
या आप असिस्टेंट प्रोफेसर के पद से करियर बनाना चाहते हैं, तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें। निश्चत ही यह लेख आपके लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
असिस्टेंट प्रोफेसर कैसे बने ?
असिस्टेंट प्रोफेसर यह पद समाज में एक प्रतिष्ठित पद है, लेकिन इस पद को पाने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है। और इसके लिए प्रासंगिक पाठ्यक्रम का ज्ञान होना आवश्यक है।
अगर आप असिस्टेंट प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें।
अगर आप प्रोफेसर फील्ड में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो असिस्टेंट प्रोफेसर का पद आपके लिए एक अच्छा विकल्प होगा। कई छात्र इस विभाग में अपना करियर बनाना चाहते हैं, लेकिन सही जानकारी के अभाव में उन्हें सफलता नहीं मिल पाती है।
तो आइए जानते हैं कि प्रोफेसर फील्ड में सहायक प्रोफेसर की योग्यता क्या होनी चाहिए?….
1. 12वीं पास करे।
दोस्तों जब छात्र दसवीं पास करते हैं तो सोचते हैं कि उन्हें क्या बनना है। इसी के आधार पर विषय का चयन किया जाता है। उदाहरण के लिए, डॉक्टर बनने के लिए आपको PCB लेना होगा।
लेकिन assistant professor बनने के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि आप जिस भी विषय में पढ़ रहे हैं, उसमें एडवांस स्टडी करके प्रोफेसर बन सकते हैं।
इसलिए आप सबसे पहले 12वीं पास करें।
2. ग्रेजुएशन पूरा करें।
12वीं के बाद आप ग्रेजुएशन में एडमिशन लेते हैं।
स्नातक को उच्च शिक्षा का आधार कहा जाता है।
नोट: साइंस और कॉमर्स के छात्रों को ग्रेजुएशन में आर्ट्स स्ट्रीम लेने की सुविधा है।
लेकिन अगर आपने इस समय तक प्रोफेसर बनने का फैसला कर लिया है, तो आपको स्ट्रीम नहीं बदलनी चाहिए।
इससे सिंगल स्ट्रीम पर आपकी पकड़ मजबूत होती है।
जो प्रोफेसर या assistant professor बनने के लिए सबसे जरूरी है।
3. पोस्ट ग्रेजुएशन करें।
अब आपने पोस्ट ग्रेजुएशन का विषय तय करके उसे विस्तार से पढ़ना शुरू करना चाहिए। क्योंकि प्रोफेसर बनने के लिए आप जो भी परीक्षा देंगे, उसमें इस विषय पर आधारित प्रश्न होंगे।
प्रोफेसर बनने के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन में कम से कम 55% अंक होने चाहिए। आरक्षित वर्ग के लिए 5% की छूट है।
4. यूजीसी नेट / सीएसआईआर यूजीसी नेट क्लियर करें
अगला कदम यूजीसी नेट परीक्षा को क्लियर करना है। इसे आप पोस्ट ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर में भी दे सकते हैं। विज्ञान के छात्रों को सीएसआईआर यूजीसी नेट परीक्षा में शामिल होना है।
एक बार जब आप यूजीसी नेट/सीएसआईआर पास कर लेते हैं तो आप देश भर के कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर के पद के लिए आवेदन कर सकते हैं।
5. एसएलईटी/सेट परीक्षा दें
यह परीक्षा राज्य स्तर पर दी जाती है। SLET परीक्षा का पूर्ण रूप राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षा है।
आप उस राज्य में आने वाले सभी कॉलेजों में नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं जहां से आप यह परीक्षा पास करते हैं।
6. एम फिल या पीएचडी करें
आपके पास एम फिल या पीएचडी करने का भी विकल्प है। आप वह रास्ता चुन सकते हैं जो आपको सूट करे। पोस्ट ग्रेजुएशन दोनों के लिए जरूरी है। लेकिन सिर्फ एम फिल से आप प्रोफेसर नहीं बन सकते।
आपको या तो नेट/स्लेट परीक्षा पास करनी होगी या पीएच.डी. अगर आपने पीएचडी कर ली है तो आपको यूजीसी नेट परीक्षा से छूट दी गई है।
लेकिन इसके लिए कुछ शर्तों को पूरा करना होगा। जैसे पीएचडी नियमित मोड के माध्यम से किया जाना चाहिए। आपके पास कम से कम दो शोध पत्र प्रकाशित होने चाहिए।
कॉलेज के प्रोफेसर की आयु सीमा
- प्रोफेसर बनने के लिए कोई ऊपरी आयु सीमा नहीं है।
- पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद नेट परीक्षा या पीएचडी की जाती है।
- इसके बाद आप सबसे पहले असिस्टेंट प्रोफेसर बनते हैं।
- इस सब में कई साल लग जाते हैं।
- इसलिए इस क्षेत्र को आयु सीमा से मुक्त रखा गया है।
कॉलेज प्रोफेसर (assistant professor) चयन प्रक्रिया
- विश्वविद्यालय समय-समय पर रिक्तियों की सूचना देता रहता है।
- आप इसे उनकी वेबसाइट और प्रमुख समाचार पत्रों से प्राप्त करेंगे।
- आपको फॉर्म भरना होगा और इंटरव्यू देना होगा।
- साक्षात्कार और शैक्षिक योग्यता के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाती है।
- कॉलेजों में भर्ती राज्य पीएससी के माध्यम से की जाती है।
- इसके लिए आपको पहले लिखित परीक्षा देनी होगी।
- लिखित परीक्षा के बाद आपको इंटरव्यू देना होता है।
- इसके बाद फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है।
- दोस्तों सबसे पहले आपको असिस्टेंट प्रोफेसर का पद दिया जाता है।
- जैसे-जैसे अनुभव बढ़ता है, आप एसोसिएट प्रोफेसर के पद तक पहुँचते हैं और अंततः आप प्रोफेसर बन जाते हैं।
- आप बाद में डीन या वाइस चांसलर भी बन सकते हैं।
- ये सभी पूर्णकालिक, स्थायी नौकरियां हैं। इसके अलावा एड हॉक यानी संविदा नियुक्ति और गेस्ट फैकल्टी जैसे विकल्प भी हैं।
असिस्टेंट प्रोफेसर सैलरी
एक सहायक प्रोफेसर का वेतन 37,000 से 67,000 के बीच होता है। प्रोफेसर बनने पर सैलरी 1,85,000 के करीब पहुंच जाती है।
अंतिम शब्द (last word)
दोस्तों, इस लेख में हमनें असिस्टेंट प्रोफेसर (assistant professor) कैसे बने? असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए योग्यता क्या है? के बारे में जानकारी दी है। हमें पूरी उम्मीद है की यह लेख कई लोगों के लिए उपयोगी साबित होगा।
इसके अलावा यदि किसी का इस लेख से संबंधित कोई सुझाव या सवाल है तो वे हमें कमेंट करके पूछ सकते है।
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