योगा करने के फायदे - Yoga karne ke fayde

योगा करने के फायदे - Yoga karne ke fayde

योगा करने से हमारे शरीर को क्या लाभ मिलता है, (Yoga karne ke fayde), योगा क्यों करना चाहिये, (Yoga kyu karna chahiye), कैसे रह सकते है हम निरोगी, (kaise rah sakte hai ham nirogi), योगा करने के क्या फायदे है?

Yoga karne ke fayde

योगा करने का मंत्र

ॐ संगच्छध्वंसंवदध्वं
सं वो मनांसि जानताम
देवा भांग यथा पूर्वे
सत्रजानाना उपासते

अर्थ: हम सब एक ही ध्येय के दिशा से एक साथ जायेंगे। हमारी सोच एक ही रहेंगी और एक साथ बोलेंगे। हमारा मन एक ही रहना चाहिए। पहले हमे भगवान एक साथ आकर बड़ी सफलता मिलती थी। हम सब एक साथ कोशिश करके सफलता हासिल करेंगे। दोनों हातो को जोड़कर नमस्कार के मुद्रा में बैठकर प्रार्थना करना।

नमस्कार मित्रों कैसे हो आप सब। आज जानेंगे की योगा करने से हमारे शरीर को क्या लाभ मिलता है, हम कैसे निरोगी रह सकते है और हमें योगा कैसे करना चाहिए। आज के भागदौड़ वाली दुनिया में हम सब अपनी सेहत का ध्यान ही नहीं रखते, उस वजह से हमारा शरीर बीमारियों से झुजता हुआ जा रहा है। फिर आज के भागदौड़ वाली दुनिया में हमें अपने शरीर को निरोगी बनाने के लिए हमे योगा, दौड़ और व्यायाम करना चाहिए। अगर हमारे पास में दौड़ लगाने के लिए समय नहीं है तो व्यायाम और योगा करके अपने शरीर को निरोगी बना सकते है। और योगा एक ऐसा सरल उपाय है जो की हम अपने घर में भी कर सकते है।

सप्ताह में कितने दिन योगा करना चाहिए  

(1) छोटे बच्चे सप्ताह में दो बार योगा करना चाहिए।
(2) जवान लड़के अगर दौड़ लगाते है तो वह सप्ताह में तीन से चार बार योगा करना चाहिए।
(3) बुजुर्ग जो की दौड़ और ज्यादा व्यायाम नहीं कर सकते है उन्होंने विशेष करके योगा करना चाहिए सप्ताह में चार से पांच बार करना चाहिए।

योगा करने के फायदे  

(1) योगा करने से शरीर और दिमाग के अंदर की चीजों का संतुलन बनाये रखने के लिए मदत मिलती है।
(2) योगा करने से शरीर की लवचिकता, गतिक्रिया और शक्ति बढ़ाने के लिए मदत करता है।
(3) योगा करने से तनाव व चिंता मुक्त होने में मदत मिलती है।
(4) रक्तदाब और ह्रदयरोग जैसे गंभीर बीमारी को नियंत्रित रखता है।
(5) वजन और थकान कम करने में मदत करता है।

योगा करने के महत्वपूर्ण कार्य  

योगा करने का महत्वपूर्ण कार्य मतलब क्या है। जैसे की सांस को नियंत्रित रखना, अपने दिमाग को शांत रखने के लिए। अपना हमेशा पढ़ाई में ध्यान लगा रहे और अपने अंदर की सहनशीलता की क्षमता को बढ़ाने के लिए मदतगार साबित होता है।

योगा करने के पूरक हलचल  

(1) गर्दन को दाए से बाए तरफ घुमाना।
(2) श्वास को छोड़ते हुए कंधे को उप्पर न उठाते हुए बाए कान को बाए कंधे को लगाने का प्रयास करे। ऐसा दो बार करना चाहिए।
(3) गर्दन को उप्पर निचे करना।